Thursday, March 5, 2015

फागुन की शुभकामनाएं


फगुनाहट चहु दिस छाए

मन के कुम्हलाए पत्ते, 
फागुन में झर जाए रे
फगुनाहट सिर चढ़ बोले एसे,
कोमल-कोमल नव-नव पल्लव 
फिर से मन में खिल जाए रे,
देखो,
ऐसी फगुनाहट चहु दिस छाए रे.....।
टूट जाए सारे बंधन,
प्रेम रंग बस भाए रे,
देखो,
ऐसी फगुनाहट चहु दिस छाए रे.....।

सरसों के पीले-पीले, 
चटकीले रंग भाए रे,
आम के मंजर सोन्ही सुगन्ध 
चहुदिस फिर बिखराए रे
महुए की  मंद-मंद मादकता 
मन को फिर अलसाए रे,
रग-रग सब का अगराए, 
बउराए, मदमाए रे,
देखो,
ऐसी फगुनाहट चहु दिस छाए रे....

अंग-अंग इतराए, 
बासंती रग-रग छाए,
कोना-कोना इस आँगन का, 
कण-कण में अलस जगाए रे
उमंग में भर-भर सुगवा-सुगवी
जहँ-तहँ चोंच मिलाए रे,
रग-रग फूटे फुलझरी,
मन भीतर भीतर मुस्काए रे।
देखो,
ऐसी फगुनाहट चहुदिस छाए रे.....।

तुम भी तज दो, 
मन की सब करूअहट 
भेद-भाव बिसराए रे,
फागुन के रंग में अबकी 
रग-रग रंग जाए रे,
देखो,
ऐसी फगुनाहट चहुदिस छाए रे.....।

साँस-साँस के भेद मिटे
यौवन दिन घुर जाए रे
एक दूजे को गले लगालो
जो जिसके मन भाए रे,
देखो 
ऐसी फगुनाहट चहु दिस छाए रे.....।

उड़े गुलाल की फुलझरी, चहुदिस
सिंदुरी छटा गेहुँए कपोल पे छाए रे,
बरसे फुहार रंग के निखार
तन-मन भींगे सकुचाए रे 
ऐसी पिचकारी मारो अबकी 
खाली नहीं कोई जाए रे।
देखो, 
ऐसी फगुनाहट चहु दिस छाए रे.....।


Thursday, October 24, 2013

मखमली आवाज के गायक मन्ना डे

मखमली आवाज के गायक मन्ना डे जी ने इस दुनिया से विदा ले लिया । उनके नहीं रहने से लाखों संगीत प्रेमियों को गहरा आघात पंहुचा है। आदरणीय मन्ना डे जी की आवाज में एक गजब का चुम्बकीय आकर्षण था । उनके गानों के धुन सहज ही होठों पर थिरकने लगते है। शाश्त्रीय संगीत पर आधारित उनके गानों में जब स्वर लहरियां उठती थी तो श्रोता मंत्र मुग्ध हो जाते थे। मन्ना डे पिछले काफी वर्षो से बीमार चल रहे थे। उनका बेंगलूर में इलाज चल रहा था। दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित मन्ना डे उन गायकों में रहे, जिनकी एक समय बॉलीवुड में तूती बोलती थी।

पचास और साठ के दशक में अगर हिंदी फिल्मों में राग पर आधारित कोई गाना होता, तो उसके लिए संगीतकारों की पहली पसंद मन्ना डे ही होते थे। उनके 94 वें जन्मदिन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात की उन्हें मुबारकबाद दी थी। बॉलीवुड में हरफनमौला गायक कहे जाने वाले मन्ना डे के निधन से एक युग का अंत हो गया है। मन्ना डे को 1971 में पद्मश्री और 2005 में पद्म विभूषण से नवाजा जा चुका है। 2007 में उन्हें प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया।

मन्ना डे ने यूं तो बॉलीवुड में हजारों गाने गाए। लेकिन उनके गाए दस गीत ऐसे हैं जिन्हें हमेशा से याद किया जाता रहा है।

1. जिंदगी कैसी है पहेली (फिल्म- आनंद)

2. एक चतुर नार करके श्रृंगार (फिल्म- पड़ोसन)

3. लागा चुनरी में दाग (फिल्म- दिल ही तो है)

4. कसमें वादे प्यार वफा (फिल्म- उपकार)

5. तू प्यार का सागर है (फिल्म- सीमा)

6. तुझे सूरज कहूं या चंदा (फिल्म- एक फूल दो माली)

7. यारी है ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी (फिल्म- जंजीर)

8. ये रात भीगी भीगी (फिल्म- चोरी चोरी)

9. ऐ मेरी जोहरा जबीं (फिल्म- वक्त)

10. प्यार हुआ इकरार हुआ है (फिल्म- श्री 420)

देश को सदैब इस महान गायक पर नाज रहेग। 

Wednesday, August 15, 2012

राष्ट्रीय प्रसंग

आज ही जुलाई-सितम्बर माह का राष्ट्रीय प्रसंग मिला। चर्चित पत्रकार साहित्यकार भाई विकास कुमार झा के सम्पादन में प्रकाषित यह पत्रिका अपने साहित्यिक स्वरूप के साथ पाठकों को खूब रिझा रहा है। कई पत्रिकाओं को साहित्य से समाचार-विचार की ओर जाते देखा है, परन्तु जब राष्ट्रीय प्रसंग का रुझान समाचार-विचार से साहित्य-संस्कृति की ओर देखा तो अच्छा लगा।  इस अंक में ज्ञानपीठ सम्मान से सम्मानित, कन्नड़ साहित्य को विष्व दृष्टि प्रदान करने वाले प्रसिद्ध साहित्य साधक यू.आर. अनंतमूर्ति का साक्षात्कार ‘विद्रोही व्यास’ शीर्षक से प्रकाषित हुआ है। आवरण पृष्ठ प्रस्तुत है।

Saturday, June 2, 2012

Appeals for Hindi professor in UK यू.के . में हिंदी प्रोफेसर के लिए अपील


International Hindi Conference appeals to India to appoint Hindi professor in UK

Mar 21, 2011, 01.20pm IST
Dr Sudheesh Pachauri, Dean, Delhi Univeristy and senior critic appealed to the Govt of India to appoint a Hindi Chair in the UK to promote Hindi education besides making arrangement to train teachers engaged in Hindi education. He expressed surprise that many small and not so thickly populated Indian Diaspora countries have Hindi Chair to guide and steer the Hindi education in the country, whereas Britain with such a large Indian population has none and there is no formal system in place to look after thousands of Hindi learning students.

Sunday, January 15, 2012

इस एतिहासिक संक्रांति की शुभ कामनाए